संपर्क: वाशिंगटनमें: गीतांजली चोपड़ा 202 473 0243 gchopra@worldbank.org एमी स्टिलवेल 202 458 4906 astilwell@worldbank.org लंदनमें: डेरेक वॉरन 44 207 968 4186 dwarren@worldbank.org पैरिसमें: स्टीवन जूई 33 01 4069 3022 sjouy@worldbank.org वाशिंगटनडी.सी, 9 जुलाई2006 - विश्व बैंक के अध्यक्ष पॉल वुल्फ़ोवित्ज़ ने जी8 +5 (ब्राज़ील, चीन, भारत, मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका) के नेताओं को खत द्वारा अनुरोध किया है कि जब वे सोमवार, 17 जुलाई को सेंट पीटर्सबर्ग में इकट्ठे होंगे तो दोहा वाले व्यापार समझौते पर उन्हें एकमत हो जाना चाहिए। प्रत्येक नेता को संबोधित करते हुए उनके पास शुक्रवार शाम को यह खत भेजा गया। खत का मूल-पाठ : "जी-8 सदस्यों की आने वाली सभा तथा चीन, ब्राज़ील, भारत, दक्षिण अफ्रीका, मेक्सिको, अफ्रीकी संघ व अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ वहाँ होने वाले प्रत्याशित संपर्क सत्रों ने हमें एक अनूठा मौका प्रदान किया है जिसका फ़ायदा उठाकर हम दोहा दौरे के व्यापार समझौते में आवश्यक उन्नति कर सकते हैं। समय हमारा साथी नहीं है – फिर भी, यदि हम एकजुट होकर काम कर सकते हैं तो हमारे प्रयासों को अवश्य सफ़लता मिल सकती है। हम चाहें तो करोड़ों लोगों को निर्धनता की जकड़ से उखाड़ सकते हैं, विकासशील देशों की आय बढ़ा सकते हैं, वैश्विक बाज़ार के प्रति लोगों की पहुंच विस्तारित कर सकते हैं और सभी लोगों के लिए कर- तथा उपभोक्ता व्यय घटा सकते हैं – या हम चाहें तो इस प्रयास को ढहने दे सकते हैं, और इसमें सभी की हानि होगी। "अच्छे इरादों की कोई कमी नहीं है। पिछले सप्ताह अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि ने "अपना हिस्सा पूरा करने" का वायदा देकर कहा कि "व्यापार दौरों के ऐसे कई उदाहरण दिए जा सकते हैं जो पहले तो लड़खड़ाते नज़र आए, पर जो आखिरकार रास्ते पर आ गए।" ई.यू के व्यापार कमिशनर ने कहा, "इस संदर्भ में तिकोने समझौते की ज़रूरत है। औद्योगिक माल में कटौतियां स्वीकार करने से पहले, जी20 यू.एस कृषि इमदादों में और भी अधिक कटौती देखना चाहती है। यदि वाशिंगटन की ओर से हमें बेहतर प्रस्ताव मिलता है तो यह गांठ खुल सकती है। अगर ऐसा हुआ तो यूरोपीय संघ भी बेहतर प्रस्ताव लाकर आधे रास्ते आने को तैयार है।" "हालांकि दोहा दौरे की सफ़ल समाप्ति ब्योरेवार सूत्रों तथा कड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी, फिर भी सेंट पीटर्सबर्ग में इकट्ठे नेताओं को इस प्रक्रिया को आवश्यक आवेग देने का एक बेहतरीन मौका मिला है। अगले सप्ताह, यदि एक सामूहिक वायदा किया गया जिसके अंतर्गत यू.एस कृषि इमदादों को घटाए, ई.यू अपने बाज़ारों तक बेहतर पहुँच दे और +5 देशों की ओर से निर्मित मालों पर टैरिफ़ सीमित की जाएं – यानि एक ऐसा वायदा जो मुख्य वार्ताकर पास्काल लेमी के "20 -20 -20" लक्ष्यों को पूरा करे, तो समझौता अवश्य किया जा सकता है। "विश्व के सबसे निर्धन लोग – वे 1.2 अरब लोग जो रोज़ 1 डॉलर से कम पर जीते हैं – इस ताक में हैं कि इन अच्छे इरादों को ठोस कदमों में परिवर्तित किया जाए, उसी तरह जैसे पिछले वर्ष आपके सुदृढ़ राजनैतिक नेतृत्व ने बहुपक्षीय ऋण राहत पहल का ऐतिहासिक उद्घाटन किया। "अगर विकास-समर्थक नतीजा किया गया, तो धनी तथा निर्धन दोनों को ही फ़ायदा होगा। संपूर्ण अनियंत्रिकरण के रास्ते पर यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा जिसके फलस्वरूप विश्व की अर्थव्यवस्था 300 अरब डॉलर का अतिरिक्त उत्पादन करने योग्य बन सकेगी। विकासशील देशों को 86 अरब डॉलर का लाभ हो सकता है, यानि वार्षिक द्विपक्षीय आर्थिक सहायता से कहीं ज़्यादा। "मैं जुलाई 17 की बैठक के प्रतिभागियों से अनुरोध करता हूँ कि वे समझौता करने के लिए तैयार रहें और सफ़लता के रास्ते पर अडिग रहें।"
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